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ननईई शशाा ननीीतत, 2020
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हाल ही म धानमंी नरद मोदी ारा नई राटीय िशा नीित लाई गई िजसे सभी के परामश से तैयार िकया
!
गया है। इसे लाने के साथ ही देश म िशा के पर %यापक चचा आरंभ हो गई है। िशा के संबंध म गांधी जी का
!
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ता)पय बालक और मनय के शरीर, मन तथा आ)मा के सवागीण एवं सवो)कट िवकास से है। इसी कार
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0वामी िववेकानदं का कहना था िक मनय की अंतिनिहत पणता को अिभ%य3त करना ही िशा है। इ4ही ंसब
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चचाओं के म6य हम देखगे िक 1986 की िशा नीित म ऐसी 3या किमयाँ रह गई थी ं िज4ह दर करने के िलये नई
!
राटीय िशा नित को लाने की आव:यकता पड़ी। साथ ही 3या यह नई राटीय िशा नीित उन उ=े:य> को
परा करने म सम होगी िजसका 0व?न महा)मा गांधी और 0वामी िववेकानदं ने देखा था?
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सबसे पहले ‘िशा’ 3या ह ै इस पर गौर करना आव:यक है। िशा का शािAदक अथ होता है सीखने एवं िसखाने
!
की िBया परंत अगर इसके %यापक अथ को देख तो िशा िकसी भी समाज म िनरंतर चलने वाली सामािजक
ु !
िBया है िजसका कोई उ=े:य होता है और िजससे मनय की आंतिरक शि3तय> का िवकास तथा %यवहार को
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पिरकत िकया जाता है। िशा ारा Cान एवं कौशल म विD कर मनय को योEय नागिरक बनाया जाता है।
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गौरतलब है िक नई िशा नीित 2020 की घोषणा के साथ ही मानव संसाधन मंालय का नाम बदलकर िशा
मंालय कर िदया गया है। इस नीित ारा देश म 0कल एवं उHच िशा म पिरवतनकारी सधार> की अपेा की
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गई है। इसके उ=े:य> के तहत वष 2030 तक 0कली िशा म 100% GER के साथ-साथ पव-िवIालय से
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मा6यिमक 0तर तक िशा के साव!भौिमकरण का लय रखा गया है।
ममहहववपपूणूण ततयय
अतम राीय शा नीत 1986 म बनाई गई थी ■जसम वष 1992 म सशोधन िकया गया था।
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वतमान नीत अत%र व'ािनक ककेे .. कक**ततूरूरीीररगगनन क+ अ,यता वाली सिमत क+ %रपोट पर आधा%रत ह।
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नई राीय शा नीत, 2020 के तहत वष 2030 तक सकल नामांकन अनुपात (Gross Eurolment
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Ratio-GER) को 100% लाने का ल1य रखा गया ह।
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नई शा नीत के अतगत क3 व रा4य सरकार के सहयोग स शा 5 पर जीडीपी के 6% िह*स के
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सावजिनक 7यय का ल1य रखा गया ह।
नई शा नीत क+ घोषणा के साथ ही मानव ससाधन 9बधं न म5ालय का नाम प%रवतत कर शा म5ालय
ं ं ं
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कर िदया गया ह।
ररााीीयय शशाा ननीीतत ककेे 99ममुखुख <<बबदद
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1/6
**ककललीी शशाा ससबबधंधं ीी 99ााववधधाानन
ूू ंं
नई िशा नीित म 5 + 3 + 3 + 4 िडज़ाइन वाले शैिणक संरचना का 0ताव िकया गया ह ैजो 3 से 18
वष की आय वाले बHच> को शािमल करता है।
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पाँच वष की फाउंडेशनल 0टेज (Foundational Stage) - 3 साल का ी-ाइमरी 0कल और गेड
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1, 2
तीन वष का ीपेटेरी 0टेज (Prepatratory Stage)
!
तीन वष का म6य (या उHच ाथिमक) चरण - गेड 6, 7, 8 और
!
4 वष का उच (या मा6यिमक) चरण - गेड 9, 10, 11, 12
!
NEP 2020 के तहत HHRO ारा ‘बिनयादी सारता और संMया)मक Cान पर एक राटीय िमशन’
ु
(National Mission on Foundational Literacy and Numeracy) की 0थापना का 0ताव िकया
गया ह।ै इसके ारा वष 2025 तक का-3 0तर तक के बHच> के िलये आधारभत कौशल सिनि:चत
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िकया जाएगा।
भभााषषााययीी ििववििववधधतताा ककाा ससररणण
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NEP-2020 म का-5 तक की िशा म मातभाषा/0थानीय या ेीय भाषा को अ6ययन के मा6यम के
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Nप म अपनाने पर बल िदया गया है। साथ ही इस नीित म मातभाषा को का-8 और आगे की िशा के
िलये ाथिमकता देने का सझाव िदया गया है।
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0कली और उHच िशा म छा> के िलये सं0कत और अ4य ाचीन भारतीय भाषाओं का िवकQप
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उपलAध होगा परंत िकसी भी छा पर भाषा के चनाव की कोई बा6यता नही ंहोगी।
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शशााररीी%%ररकक शशाा
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िवIालय> म सभी 0तर> पर छा> को बागवानी, िनयिमत Nप से खेल-कद, योग, न)य, माशल आट को
ू ! !
0थानीय उपलAधता के अनसार दान करने की कोिशश की जाएगी तािक बHचे शारीिरक गितिविधय> एवं
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%यायाम वगैरह म भाग ले सक ।
पपाा>>??मम औऔरर ममूAूAययाांकंकनन ससबबधंधं ीी ससुधुधाारर
ंं
इस नीित म 0तािवत सधार> के अनसार, कला और िवCान, %यावसाियक तथा शैिणक िवषय> एवं
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पाठSBम व पाठSेतर गितिविधय> के बीच बहत अिधक अंतर नही ंहोगा।
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का-6 से ही शैिक पाठSBम म %यावसाियक िशा को शािमल कर िदया जाएगा और इसम
इंटनिशप (Internship) की %यव0था भी की जाएगी।
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‘राटीय शैिक अनसंधान और िशण पिरषद’ (National Council of Educational Research
ु
and Training- NCERT) ारा ‘0कली िशा के िलये राटीय पाठSBम Nपरेखा’ (National
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Curricular Framework for School Education) तैयार की जाएगी।
छा> के समग िवकास के लय को 6यान म रखते हए का-10 और का-12 की परीाओं म बदलाव
ु
िकया जाएगा। इसम भिवय म समे0टर या बहिवकQपीय :न आिद जैसे सधार> को शािमल िकया जा
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सकता है।
छा> की गित के मQयांकन के िलये मानक-िनधारक िनकाय के Nप म ‘परख’ (PARAKH) नामक एक
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नए ‘राटीय आकलन क द’ (National Assessment Centre) की 0थापना की जाएगी।
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छा> की गित के मQयांकन तथा छा> को अपने भिवय से जड़े िनणय लेने म सहायता दान करने के
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िलये ‘किम बिDमTा’ (Artificial Intelligence- AI) आधािरत सॉVटवेयर का योग।
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शशणण 77ययवव**थथाा सस ससबबंं धधतत ससुधुधाारर
ंं
िशक> की िनयि3त म भावी और पारदशी िBया का पालन तथा समय-समय पर िकये गए काय-
ु ! !
दशन आकलन के आधार पर पदो4नित।
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राटीय अ6यापक िशा पिरषद ारा वष 2022 तक ‘िशक> के िलये राटीय %यावसाियक मानक’
!
(National Professional Standards for Teachers- NPST) का िवकास िकया जाएगा।
राटीय अ6यापक िशा पिरषद ारा NCERT के परामश के आधार पर ‘अ6यापक िशा हेत राटीय
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पाठSचया की Nपरेखा’ [National Curriculum Framework for Teacher Education-NCFTE)
!
का िवकास िकया जाएगा।
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वष 2030 तक अ6यापन के िलये 4यनतम िडगी योEयता 4-वषीय एकीकत बी.एड. िडगी का होना
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अिनवाय िकया जाएगा।
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उउCC शशाा सस ससबबंं धधतत 99ााववधधाानन
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NEP-2020 के तहत उHच िशण सं0थान> म ‘सकल नामांकन अनपात’ (Gross Enrolment Ratio)
ु
को 26.3% (वष 2018) से बढ़ाकर 50% तक करने का लय रखा गया है, इसके साथ ही देश के उHच
!
िशण सं0थान> म 3.5 करोड़ नई सीट> को जोड़ा जाएगा।
NEP-2020 के तहत 0नातक पाठSBम म मQटीपल एंटी एंड एि3ज़ट %यव0था को अपनाया गया ह,ै
इसके तहत 3 या 4 वष के 0नातक कायBम म छा कई 0तर> पर पाठSBम को छोड़ सक गे और उ4ह
! !
उसी के अनNप िडगी या माण-प दान िकया जाएगा (1 वष के बाद माण-प, 2 वषो के बाद
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एडवांस िड?लोमा, 3 वषो के बाद 0नातक की िडगी तथा 4 वषो के बाद शोध के साथ 0नातक)।
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िविभ4न उHच िशण सं0थान> से ा?त अंक> या Bे िडट को िडिजटल Nप से सरित रखने के िलये एक
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‘एके डिमक बक ऑफ Bे िडट’ (Academic Bank of Credit) िदया जाएगा, तािक अलग-अलग सं0थान>
म छा> के दशन के आधार पर उ4ह िडगी दान की जा सके ।
!
नई िशा नीित के तहत एम.िफल. (M.Phil) कायBम को समा?त कर िदया गया।
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भभााररततीीयय उउCC शशाा आआययोोगग
नई िशा नीित (NEP) म देश भर के उHच िशा सं0थान> के िलये एक एकल िनयामक अथात ् भारतीय उHच
!
िशा पिरषद (Higher Education Commision of India-HECI) की पिरकQपना की गई है िजसम िविभ4न
भिमकाओं को परा करने हेत कई काये ह>गे। भारतीय उHच िशा आयोग िचिक)सा एवं काननी िशा को
ू ू ु ! ू
छोड़कर परे उHच िशा े के िलये एक एकल िनकाय (Single Umbrella Body) के Nप म काय करेगा।
ू !
HECI के कायो के भावी िन
पादन हेतु चार िनकाय-
रा
टीय उचतर िशा िनयामकीय पिरषद (National Higher Education Regulatroy
Council-NHERC) : यह िशक िशा सिहत उHच िशा े के िलये एक िनयामक का काय
!
करेगा।
सामाय िशा पिरषद (General Education Council - GEC) : यह उHच िशा कायBम> के
!
िलये अपेित सीखने के पिरणाम> का ढाँचा तैयार करेगा अथात ् उनके मानक िनधारण का काय करेगा।
! ! !
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रा
टीय यायन पिरषद (National Accreditation Council - NAC) : यह सं0थान> के
)यायन का काय करेगा जो मMय Nप से बिनयादी मानदंड>, सावजिनक 0व-कटीकरण, सशासन और
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पिरणाम> पर आधािरत होगा।
उचतर िशा अनदु ान पिरषद (Higher Education Grants Council - HGFC) : यह िनकाय
कॉलेज> एवं िव:विवIालय> के िलये िवTपोषण का काय करेगा।
!
नोट: गौरतलब है िक वतमान म उHच िशा िनकाय> का िविनयमन िव:विवIालय अनदान आयोग (यजीसी),
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अिखल भारतीय तकनीकी िशा पिरषद (एआईसीटीई) और राटीय अ6यापक िशा पिरषद (एनसीटीई) जैसे
िनकाय> के मा6यम से िकया जाता है।
देश म आईआईटी (IIT) और आईआईएम (IIM) के समक वैि:वक मानक> के ‘बहिवषयक िशा एवं
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अनसंधान िव:विवIालय’ (Multidisciplinary Education and Reserach Universities -
ु
MERU) की 0थापना की जाएगी।
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ििववककललाांगंग बबCCDD हहततुु 99ााववधधाानन
इस नई नीित म िवकलांग बHच> के िलये Bास िवकलांगता िशण, संसाधन क द, आवास, सहायक
उपकरण, उपय3त ौIोिगकी आधािरत उपकरण, िशक> का पण समथन एवं ारंिभक से लेकर उHच
ु! ू ! !
िशा तक िनयिमत Nप से 0कली िशा िBया म भागीदारी सिनि:चत करना आिद िBयाओं को
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सम बनाया जाएगा।
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डड■■जजटटलल शशाा सस ससबबंं धधतत 99ााववधधाानन
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एक 0वायT िनकाय के Nप म ‘‘रा
टीय शैिक ौ#ोिगकी मंच’’ (National Educational Technol
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Foruem) का गठन िकया जाएगा िजसके ारा िशण, मQयांकन योजना एवं शासन म अिभविD हेत
ू ु
िवचार> का आदान-दान िकया जा सके गा।
िडिजटल िशा संसाधन> को िवकिसत करने के िलये अलग ौIोिगकी इकाई का िवकास िकया जाएगा
जो िडिजटल बिनयादी ढाँचे, सामगी और मता िनमाण हेत सम4वयन का काय करेगी।
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पपााररपप%%ररकक ''ाानन-ससबबधंधं ीी 99ााववधधाानन
ंं ंं
भारतीय Cान णािलयाँ, िजनम जनजातीय एवं 0वदेशी Cान शािमल ह>गे, को पाठSBम म सटीक एवं वैCािनक
तरीके से शािमल िकया जाएगा।
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िवशेष िबदं
आकांी िजले (Aspirational districts) जैसे े जहाँ बड़ी संMया म आिथक, सामािजक या जाितगत
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बाधाओं का सामना करने वाले छा पाए जाते ह, उ4ह ‘िवशेष शैिक े'’ (Special Educational
Zones) के Nप म नािमत िकया जाएगा।
देश म मता िनमाण हेत क द सभी लड़िकय> और टांसजडर छा> को समान गणवTा दान करने की
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िदशा म एक ‘जडर इं3लजन फं ड’ (Gender Inclusion Fund) की 0थापना करेगा।
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गौरतलब ह ै िक 8 वष की आय के बHच> के िलये ारंिभक बचपन देखभाल और िशा हते एक राटीय
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पाठ◌्यचया और शैिणक ढाँचे का िनमाण एनसीआरटीई ारा िकया जाएगा।
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